कानपुर में समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी के भाई रिजवान सोलंकी तीन साल बाद जेल से रिहा हो गए हैं. जमानत मिलने के बाद बाहर आते ही रिजवान ने अपने पिता की कब्र पर जाकर चादर चढ़ाई और परिवार से मिले. उन्होंने जेल में बिताए समय को जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर बताया. 

आपको बता दें कि कानपुर में 3 साल से जेल में बंद सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी के भाई रिजवान सोलंकी को सोमवार को कानपुर कोर्ट के आदेश पर जमानत पर रिहा कर दिया गया. ये दोनों भाई तीन साल पहले एक पड़ोसी की जमीन पर आगजनी के आरोप में जेल गए थे, जिसके बाद उन पर कुल 17 मुकदमे दर्ज हुए थे. 

हाई कोर्ट से आगजनी के मुकदमे में जमानत मिलने के बाद रिजवान कानपुर जेल से बाहर आए. इरफान सोलंकी अभी महाराजगंज जेल में हैं और मंगलवार को उनकी रिहाई की उम्मीद है. 

34 महीने बाद जिंदगी हुई तबाह

जेल से बाहर आते ही रिजवान सोलंकी पहले अपने पिता हाजी मुश्ताक सोलंकी की कब्र पर गए. फातिया पढ़ने के बाद घर पहुंचे तो उन्होंने कहा कि 34 महीने बाद वह बाहर आए हैं. इन तीन सालों में उनकी जिंदगी तबाह हो गई. रिजवान ने खुद को बेगुनाह बताते हुए कहा कि उन्हें अदालत पर पूरा भरोसा है. 

इरफान सोलंकी की भी होगी रिहाई  

रिजवान सोलंकी ने बताया कि उनके भाई इरफान सोलंकी का रिहाई का आदेश मंगलवार को महाराजगंज जेल पहुंचेगा. इसके बाद मंगलवार की सुबह वह भी जेल से रिहा होकर कानपुर आएंगे. रिजवान ने उम्मीद जताई है कि बाकी के मुकदमों में भी उन्हें अदालत से न्याय मिलेगा. 

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