उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में होमगार्ड के तीन जवानों द्वारा एक उपजिलाधिकारी पर लगाए गए जातिसूचक अपशब्द कहने और उत्पीड़न करने के आरोप जांच में बेबुनियाद पाए गए हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। होमगार्ड के ये जवान महसी तहसील में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) आलोक प्रसाद की सुरक्षा में तैनात थे। 

भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी प्रसाद ने बुधवार को स्वयं पर लगाए गये आरोपों को निराधार बताते हुए कहा था कि एक दिव्यांग फरियादी के साथ असंवेदनशीलता बरतने पर उन्होंने होमगार्ड जवानों को सिर्फ फटकार लगाई थी। अपर जिलाधिकारी (एडीएम) अमित कुमार ने बृहस्पतिवार देर शाम एक बयान में बताया कि महसी तहसील में तैनात उप जिलाधिकारी आलोक प्रसाद पर बुधवार को होमगार्ड के तीन जवानों-राजाराम शुक्ला, रमाकान्त मिश्र और राम कुमार तिवारी ने ड्यूटी के दौरान जातिसूचक अपशब्द कहने, शारीरिक दंड दिलवाने और जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए इस संबंध में उच्च अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा था। 

उन्होंने बताया कि मामले को संज्ञान में लेते हुए बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के आदेश पर जांच कराई गई और जांच में संबंधित दिव्यांग व्यक्ति, तहसील कर्मचारियों तथा शिकायतकर्ता होमगार्ड जवानों के बयान दर्ज किये गये। एडीएम के अनुसार, जांच में शिकायतकर्ता अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस तथ्य या प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सके और इस आधार पर शिकायत को निराधार पाया गया है। 

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