एक्‍ट्रेस दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर अंधाधुंध फायरिंग करने वाले दोनों शूटरों को गाजियाबाद में एनकाउंटर कर दिया गया। इस एनकाउंटर को यूपी STF, हरियाणा STF और दिल्‍ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की स्‍पेशल टीम ने ज्‍वाइंट ऑपरेशन कर अंजाम दिया। बदमाशों की पहचान रोहतक के रविंद्र और सोनीपत के अरुण के रूप में हुई। ये रोहित गोदारा और गोल्डी बराड़ के गैंग के थे। दोनों पर एक-एक लाख का इनाम था।

 अब इस पूरे मामले में पाकिस्‍तानी कनेक्शन सामने आ रहा है। बदमाशों के पास से जिगाना पिस्‍टल बरामद किया गया है। तुर्किए में बनने वाली जिगाना पिस्‍टल पाकिस्‍तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के जरिए नेपाल के रास्‍ते भारत आने की आशंका जताई जा रही है। आपको बता दें कि ये वही जिगाना पिस्‍टल है जिससे प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या की गई थी। बाबा सिद्दीकी की हत्या के लिए भी जिगाना पिस्‍टल का ही प्रयोग किया गया था।

जिगाना पिस्‍टल बनती जा रही शूटरों की पहली पसंद

हाल फिलहाल की कुछ घटनाओं पर नजर डालें तो जिगाना पिस्‍टल शूटरों की पहली पसंद बनती जा रही है। अतीक-अशरफ हत्याकांड में भी इसी पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था। बीते साल जनवरी में नोएडा के सेक्टर-104 में लारेंस गैंग के शूटर ने एयरलाइंस के क्रू मेंबर सूरजमान की इसी जिगाना पिस्टल से भूनकर हत्या कर दी थी।

डिमांड ऐसी है कि 5 लाख से लेकर 8 लाख तक की कीमत में बिकने वाली इस पिस्‍टल के लिए शूटर्स दोगुना दाम देने को तैयार रहते हैं। कुछ साल पहले जब गैंगस्टर लॉरेंस बिश्‍नोई ने जितेंदर गोगी (अब मृत) से हाथ मिलाया तो दोस्ती की निशानी के रूप में एक जिगाना पिस्टल दी थी। ये कभी जाम नहीं होती है।

यहां जानिए पिस्‍टल की खासियत

तुर्की में बनने वाली जिगाना मेड पिस्टल का प्रयोग मलेशियाई आर्मी, अजरबैजान आर्मी, फिलिपिन आर्मी भी करती है। ये पिस्टल पूरी तरह से ऑटोमेटिक होती है और एक बार में ही कई राउंड फायरिंग किया जा सकता है। पाकिस्तान के रास्ते इसकी सप्लाई अवैध तरीके से भारत में होती है। कहा जाता है कि ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से इसे भारत में सप्लाई किया जाता है।

एक शूटर के पास से मिली ग्लॉक पिस्‍टल

मारे गए एक बदमाश के पास से ग्लॉक पिस्‍टल बरामद हुआ है। ग्लॉक पिस्टल भारत में आम नागरिक के लिए बैन है। ग्लॉक पिस्टल में 6 से लेकर 36 राउंड तक मैगजीन का उपयोग हो सकता है। भारत में इस हथियार में 17 राउंड वाली मैगजीन का उपयोग किया जाता है। मैगजीन में एक साथ 17 गोलियां आती हैं। इसकी गोली 1230 फीट प्रति सेकेंड की गति से दुश्मन को लगती है। इसकी रेंज भी 50 मीटर ही है।

भारत में स्पेशल फोर्सेस, पैरा कमांडो, एनएसजी वगैरह को यह हथियार उपयोग के लिए दिया जाता है। ग्लॉक पिस्टल की कुछ और खूबियों के बारे में बात करें तो यह बहुत ही भरोसेमंद हथियार है। इसमें 9mm की कोई भी गोलियां लग सकती है। इससे फर्क नहीं पड़ता है कि वह गोली किस बंदूक के लिए बनाई गई है। गोली अगर 9mm की है, तो ग्लोक 17 उसे बड़े ही आराम से चला सकती है। इसकी गोलियां ढूंढने में बहुत ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती है। यह बहुत ही आसानी से मिल जाती है। ऑस्ट्रियन कंपनी ग्लॉक जेएसएमबी के द्वारा इस पिस्टल को तैयार किया जाता है और इसे बेहद भरोसेमंद हथियार माना जाता है।

12 सितंबर को किया था हमला

 बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के बरेली स्थित घर पर बीते शुक्रवार तड़के साढ़े तीन बजे नौ राउंड फायरिंग की गई थी। बाइक सवार दो आरोपी फायरिंग कर नैनीताल हाईवे की ओर भाग निकले थे। इनमें आगे बैठा युवक हेलमेट लगाए हुए थे। चर्चित अपराधी गोल्डी बरार के गुर्गे रोहित गोदारा की आईडी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर वारदात की जिम्मेदारी ली थी। इसमें स्वामी अनिरुद्धाचार्य व स्वामी प्रेमानंद पर आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर गुस्सा जताया गया था। भविष्य में ऐसा करने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी।

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