केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) प्रमुख जयंत चौधरी ने दिल्ली में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए डॉ. बीआर अंबेडकर की स्थायी विरासत को रेखांकित किया और उन्हें एक “प्रगतिशील दूरदर्शी” बताया, जिन्होंने भारत के संविधान को आकार दिया और हाशिए पर पड़े समुदायों को मुख्यधारा में शामिल करने का बीड़ा उठाया। इसके अलावा जयंत चौधरी ने वक्फ अधिनियम पर भी बड़ा बयान दिया है। 

जयंत चौधरी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि बीआर अंबेडकर सिर्फ़ अनुसूचित जातियों और जनजातियों के नेता नहीं थे। उन्होंने संविधान बनाया और वे एक उदारवादी, प्रगतिशील नेता थे। उन्होंने लोगों को मुख्यधारा में लाने में अहम भूमिका निभाई। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी के विस्तार का प्लान बताते हुए कहा कि अब अगले छह महीने तक हमारे पार्टी कार्यकर्ता पार्टी के सदस्यता अभियान के लिए कई गांवों और शहरों में जाएंगे। 15 अक्टूबर से नवंबर तक हमारे आंतरिक चुनाव होंगे और पार्टी अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष का फैसला करेगी।

वक्फ (संशोधन) अधिनियम पर मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में जयंत चौधरी ने कहा कि संसद ने काफी विचार-विमर्श और जेपीसी की सिफारिशों के बाद इस अधिनियम को पारित किया है। हर वरिष्ठ नेता के विचारों पर विचार किया गया और उसके बाद इस अधिनियम को पारित किया गया। लोकतंत्र की एक प्रक्रिया है और सभी को इसमें विश्वास रखना चाहिए। राष्ट्रपति ने भी इसे अपनी मंजूरी दे दी है। मैं लोगों से आग्रह करता हूं कि वे दूसरों को भड़काएं नहीं क्योंकि यह एक जटिल अधिनियम है।

एआईएडीएमके के एनडीए में लौटने पर उन्होंने कहा कि कल एनडीए का विस्तार हुआ और एआईएडीएमके हमारे गठबंधन में शामिल हो गई। यह एनडीए की नीतियों और पीएम मोदी में (लोगों का) विश्वास दिखाता है। जैसा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा, एनडीए तमिलनाडु में अगली सरकार बनाएगी और यह इस दिशा में एक बड़ा कदम है।

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