सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मंगलवार को किसी भी युद्धक्षेत्र में थल सेना की प्रधानता पर प्रकाश डाला और कहा कि भारत के संदर्भ में जमीन पर मजबूत पकड़ जीत की कुंजी रहेगी।

यहां एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में उन्होंने किसी भी युद्ध में थल सेना के महत्व पर ज़ोर दिया और पिछले महीने अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के बीच यूक्रेन संघर्ष पर हुई शिखर वार्ता का ज़िक्र किया।

द्विवेदी ने कहा, ‘‘जब आप दोनों राष्ट्रपतियों के बीच हुए अलास्का सम्मेलन पर गौर करते हैं, तो उन्होंने सिर्फ इस बात पर चर्चा की थी कि कितनी ज़मीन का आदान-प्रदान करना होगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत में, चूंकि हमारे सामने ढाई मोर्चों पर खतरा है, इसलिए जमीन पर मजबूती ही जीत की कुंजी बनी रहेगी।’’

सेना प्रमुख की यह टिप्पणी एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह के उस बयान के दो सप्ताह बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर ने एक बार फिर वायु सेना की शक्ति की ‘‘प्रधानता’’ स्थापित कर दी है।

सेना प्रमुख ने युद्ध की बदलती प्रकृति और भारतीय सेना द्वारा नयी एवं उभरती प्रौद्योगिकियों को शामिल करने के संदर्भ में परिवर्तनकारी बदलावों पर भी विस्तार से बात की।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights