मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और जारी सैन्य संघर्ष के बीच ईरान में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार शनिवार को ईरान के तटीय शहर बंदर अब्बास के पश्चिमी हिस्से में रिक्टर स्केल पर 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। झटके महसूस होते ही स्थानीय लोगों में घबराहट फैल गई और कई लोग एहतियात के तौर पर घरों और इमारतों से बाहर निकल आए।
बंदरगाह क्षेत्र होने के कारण बढ़ी सतर्कता
बंदर अब्बास ईरान का एक महत्वपूर्ण बंदरगाह शहर है, इसलिए भूकंप के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और हालात की निगरानी तेज कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन एहतियात के तौर पर इलाके पर नजर रखी जा रही है।
युद्ध के माहौल में बढ़ी चर्चाएं
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच पिछले करीब आठ दिनों से जारी तनावपूर्ण हालात के बीच आए इन भूकंप के झटकों ने नई चर्चा को जन्म दे दिया है। जानकारी के अनुसार बीते चार दिनों में यह दूसरी बार है जब ईरान में इस तरह के झटके महसूस किए गए हैं। युद्ध जैसे माहौल में आने वाले इन झटकों को लेकर कुछ विशेषज्ञों ने सवाल भी उठाए हैं।
परमाणु परीक्षण की अटकलें भी सामने
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह पूरी तरह प्राकृतिक भूकंप हो सकता है, लेकिन मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण इसे संभावित भूमिगत परमाणु परीक्षण से जोड़कर भी देखा जा रहा है। आम तौर पर माना जाता है कि यदि भूमिगत परमाणु परीक्षण किया जाता है तो उससे पैदा होने वाले झटकों की तीव्रता लगभग 4.5 या उससे अधिक हो सकती है। हालांकि अभी तक उपलब्ध वैज्ञानिक आंकड़े यह साबित नहीं करते कि हालिया झटके किसी परमाणु परीक्षण के कारण आए हैं।
परमाणु कार्यक्रम को लेकर पहले भी चर्चा
ईरान पहले भी कई बार यह दावा कर चुका है कि वह कम समय में परमाणु हथियार बनाने की तकनीकी क्षमता हासिल कर सकता है। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की फरवरी 2026 की एक गोपनीय रिपोर्ट में बताया गया था कि हालिया सैन्य तनाव शुरू होने से पहले ईरान के पास लगभग 440.9 किलोग्राम यूरेनियम मौजूद था, जिसे करीब 60 प्रतिशत तक समृद्ध किया गया था।
