वायुसेना परिसर में शनिवार को अभ्यास जम्प के दौरान वारंट ऑफिसर आरके तिवारी पीजीआई (पैरा जंप इंस्ट्रक्टर) ‘डेमो ड्रॉप’ के चलते गंभीर घायल हो गए। मिलिट्री हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वे वायु सेना की आकाश गंगा टीम में शामिल थे। इस हादसे के बाद भारतीय वायुसेना ने एक्स पर पोस्ट किया है।

वायुसेना ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘आईएएफ की आकाश गंगा स्काईडाइविंग टीम के एक पैरा जंप प्रशिक्षक की आज आगरा में डेमो ड्रॉप के दौरान लगी चोटों के कारण मृत्यु हो गई। वायुसेना इस क्षति पर गहरा शोक व्यक्त करती है।’

रामकुमार तिवारी मूल रूप से गांव बेलाहा पोस्ट लालगंज जिला प्रतापगढ़ के रहने वाले थे। 2002 में उन्होंने एयरफोर्स में शामिल हुए। शनिवार को रामकुमार तिवारी ने एयर क्राफ्ट से तकरीबन सात हजार फीट की ऊंचाई से अभ्यास छलांग लगाई। पैराशूट खुला, लेकिन जमीन पर लैंड करते समय उसमें में कुछ गड़बड़ी आ गई। हार्ड लैंडिंग की वजह से रामकुमार तिवारी करीब 50 फीट की ऊंचाई से जमीन पर निचे गिर गए। हादसे में वह बुरी तरह घायल हो गए। मुंह और नाक से खून निकलने लगा। मौके पर पहुंची रिलीफ टीम ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान रामकुमार की मौत हो गई। सदर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। मौत का कारण सख्त जंप बताई जा रही है।

वारंट ऑफिसर रामकुमार तिवारी ने एनएसजी कमांडो का प्रशिक्षण लिया था। सर्विस के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण के लिए आवेदन किया था। शारीरिक दक्षता को देखते हुए उन्हें एनएसजी प्रशिक्षण के लिए चुन लिया गया था।

रामकुमार तिवारी आकाश गंगा टीम में शामिल थे। एयर फोर्स की आकाश गंगा टीम निश्चित समय और स्थान पर जंप करने में माहिर होती है। स्काई डाइविंग में पारंगत होती है। यह टीम सैकड़ों फीट की ऊंचाई विशेष तरह के करतब दिखाने के लिए जानी जाती है।

वायुसेना अधिकारी की मौत पर अखिलेश यादव ने दुख जताया है। उन्होंने लिखो, “पहले गुजरात के जामनगर में एक फाइटर जेट के क्रैश होने से एक फ्लाइट लेफ्टिनेंट की मृत्यु और अब आगरा में पैराशूट न खुलने से एक एयरफ़ोर्स अफ़सर की मृत्यु का समाचार बेहद दुखदायी है। सुरक्षा से समझौता प्राणघातक साबित होता है। इन मामलों में हर स्तर पर गुणवत्ता की गहन-गंभीर जाँच हो, जिससे भविष्य में ऐसे दुर्घटनाओं का दोहराव न हो।”

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