चुनाव आयोग ने यह निर्णय लिया है कि डाक मतपत्र और इलेक्ट्रॉनिक विधि से भेजे गए डाक मतपत्रों (ईटीपीबी) की गिनती हर हाल में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) और वीवीपीएटी के अंतिम दो दौर की गिनती से पहले पूरी कराई जाएगी।

आयोग ने स्पष्ट किया कि संबंधित मतगणना केंद्रों पर डाक मतपत्रों की पूरी गिनती के बाद ही ईवीएम और वीवीपीएटी की अंतिम दो दौर की गिनती शुरू होगी। इससे मतगणना प्रक्रिया में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

लोकसभा और विधानसभा चुनावों में डाक मतपत्रों की गिनती आमतौर पर सुबह 8 बजे शुरू होती है, जबकि ईवीएम और वीवीपीएटी की गिनती 8:30 बजे शुरू की जाती है। आयोग ने यह कदम चुनाव प्रक्रिया को अधिक सुचारू और सशक्त बनाने के उद्देश्य से उठाया है।

चुनाव आयोग ने बताया कि हाल के वर्षों में शारीरिक अक्षमता वाले व्यक्तियों (PWD) और 85 वर्ष से अधिक आयु के मतदाताओं को घर से वोट डालने की सुविधा दी गई है, जिससे डाक मतपत्रों की संख्या बढ़ रही है। इसी कारण यह जरूरी हो गया है कि डाक मतपत्रों की गिनती पहले पूरी हो।

आयोग ने सभी चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन केंद्रों पर अधिक डाक मतपत्र प्राप्त हुए हैं, वहां पर्याप्त गणनाकर्मी, मेज और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

चुनाव आयोग ने उल्लेख किया कि पिछले साल लोकसभा चुनावों की मतगणना से पहले कुछ विपक्षी दलों ने डाक मतपत्रों की गिनती और जिला अधिकारी की भूमिका पर सवाल उठाए थे। आयोग ने यह सुनिश्चित किया कि डाक मतपत्रों की गिनती पहले पूरी हो और उसके आधे घंटे बाद ही ईवीएम की गिनती शुरू हो, जैसा कि 2019 और 2022 के सभी विधानसभा चुनावों में किया गया था।

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