भाजपा ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला किया और उन पर भारत-पाकिस्तान संघर्ष और ऑपरेशन सिंदूर से निपटने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तरीके पर सवाल उठाने के बाद भारत विरोधी भावनाओं को प्रतिध्वनित करने का आरोप लगाया। हाल ही में मध्य प्रदेश में कांग्रेस के एक सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान गांधी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के साथ सैन्य गतिरोध के दौरान तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आने के बाद मोदी ने “आत्मसमर्पण” कर दिया। उनकी टिप्पणी पर सत्तारूढ़ पार्टी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई।

बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने गांधी पर भारतीय सशस्त्र बलों का अपमान करने और एक सफल सैन्य अभियान को कमजोर करने का आरोप लगाया। पात्रा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “राहुल गांधी जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिस तरह के सवाल राहुल गांधी बार-बार पूछ रहे हैं, मुझे पूरा संदेह है कि वह चीन या पाकिस्तान के पेड एजेंट हैं।”

यह टिप्पणी उस समय की गई जब मध्य प्रदेश में पार्टी के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए गांधी ने आरोप लगाया कि भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फोन के बाद मोदी ने आत्मसमर्पण कर दिया था।

पलटवार करते हुए भाजपा सांसद एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि गांधी ने अपनी टिप्पणी से ऑपरेशन सिंदूर, सशस्त्र बलों और देश का अपमान किया है। पात्रा ने आरोप लगाया, राहुल गांधी जिस तरह की का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिस तरह के सवाल राहुल गांधी बार-बार पूछ रहे हैं, मुझे पूरा संदेह है कि वह चीन या पाकिस्तान के पेड एजेंट हैं। पात्रा ने कहा कि कोई भी सभ्य राजनेता या विपक्ष का नेता अपने देश के बारे में बात करते समय कभी भी आत्मसमर्पण जैसे शब्द का इस्तेमाल नहीं करेगा।

भाजपा के एक अन्य प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने गांधी पर पाकिस्तानी दुष्प्रचार का अगुआ होने का आरोप लगाते हुए उन पर हमला किया और उन्हें शशि थरूर एवं अपनी पार्टी के उन नेताओं की बात सुनने की सलाह दी, जिन्होंने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए किसी तीसरे पक्ष ने मध्यस्थता नहीं की है।

शहजाद पूनावाला ने कहा, राहुल गांधी को एक बार फिर समझ आ गया है कि विपक्ष के नेता का मतलब पाकिस्तानी दुष्प्रचार का नेता होता है। जिस तरह का दुष्प्रचार पाकिस्तान भी नहीं कर पाया, वैसा वह कर रहे हैं। पूनावाला ने कहा, राहुल गांधी, डीजीएमओ ने जो कहा, विदेश मंत्रालय ने जो कहा, उस पर विश्वास करें… अगर उन पर नहीं तो कम से कम शशि (थरूर), मनीष (तिवारी) और सलमान (खुर्शीद) पर विश्वास करें। उन्होंने कहा है कि कोई मध्यस्थता नहीं हुई, भारत ने (पाकिस्तान को) फोन नहीं किया, उनके डीजीएमओ ने भारत से संपर्क किया।

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