अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के बाद अब चीन पर 50 से 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने NATO को एक पत्र भी लिखा है, जिसमें उन्होंने रूस की युद्ध मशीन तोड़ने के लिए चीन पर टैरिफ लगाने का आग्रह किया। ट्रंप की इस मांग पर अब चीनी विदेश मंत्री वांग सी की ओर से ट्रंप को सीधा संदेश दिया गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि चीन न तो युद्ध की साजिश होता है, न जंग में शामिल होता है।

ट्रंप की अपील पर आया चीन का रिएक्शन

रिपोर्ट्स के मुताबिक चीनी विदेश मंत्री वांग सी स्लोवेनिया की चार दिवसीय राजकीय यात्रा पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पर पलटवार करते हुए स्पष्ट तौर पर कहा, ” चीन युद्ध में भाग नहीं लेता और ना ही किसी भी तरह के युद्ध की साजिश रचता है।” चीनी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि किसी भी तरह से युद्ध कभी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता। जहां तक बात टैरिफ की है, तो आर्थिक प्रतिबंध केवल समस्याएं बढ़ाते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार रूस पर दबाव बनाने के लिए मॉस्को के तेल खरीदारों पर टैरिफ थोप रहे हैं। वो भारत पर 50% टैरिफ लगा चुके हैं, जिसमें 25% अतिरिक्त टैरिफ रूसी तेल खरीदने की वजह से लगाया गया है।

ट्रंप की NATO देशों को चिट्ठी

शनिवार (13 सितंबर) को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NATO देशों को एक पत्र भेजा। इसमें उन्होंने कहा, “मैं रूस पर बड़े प्रतिबंध लगाने के लिए तैयार हूं, बशर्ते सभी नाटो देश इस पर सहमत हो जाएं और रूस से तेल खरीदना बंद कर दें। कुछ देशों की रूसी तेल की खरीद चौंकाने वाली रही है। यह रूस पर आपकी बातचीत की स्थिति और सौदेबाजी की शक्ति को बहुत कमजोर करता है।”

उन्होंने आगे कहा कि नाटो को चीन पर 50% से 100% टैरिफ लगाना चाहिए। चीन का रूस पर एक मजबूत नियंत्रण और यहां तक कि पकड़ भी है और ये शक्तिशाली टैरिफ उस पकड़ को तोड़ देंगे।

जी7 देशों से भी भारत-चीन पर टैरिफ लगाने को कहा

इससे पहले अमेरिका ने जी 7 देशों से भी अपील की है कि रूस और यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए मॉस्को के तेल बाजार को खत्म करने की जरूरत है। इसके लिए रूसी तेल खरीद रहे भारत और चीन के ऊपर बड़े-बड़े टैरिफ लगाने चाहिए।

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