उत्तराखंड के पवित्र चार धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के मंदिर परिसरों में इस वर्ष से मोबाइल फोन और कैमरों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. गरहवाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने जिला मजिस्ट्रेटों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि दर्शन के दौरान इन उपकरणों की अनुमति से कई समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं. इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसरों में मोबाइल और कैमरे पूरी तरह वर्जित कर दिए गए हैं.

व्लॉगर्स के लिए बड़ा झटका

कमिश्नर ने बताया कि पिछले यात्रा सीजन में इन चार धामों पर 50 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे. इस बार यात्रा को और सुगम व सरल बनाने के प्रयास तेज किए जाएंगे. वहीं, ये खबर उन लोगों के लिए बड़ा झटका है, जो वीडियो और फोटोग्राफी के इरादे से भी चार धाम की यात्रा करने आते हैं. खास तौर से उन सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए जो व्लॉगिंग करने भी तीर्थ स्थल आते हैं. हालांकि इस फैसले से उन श्रद्धालुओं को जरूर राहत मिलेगी, जो लंबी दूरी तय कर ईष्ट देव के दर्शनों के लिए चार धाम पहुंचते हैं. फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के चलते मंदिर परिसर में अन्य श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता था.

कहां ले सकेंगे फोटोग्राफ?

कमिश्नर विनय शंकर पांडे ने कहा कि चार धाम यात्रा राज्य का एक पवित्र तीर्थ है, जहां भक्तजन श्रद्धा के साथ आते हैं. उन्होंने निर्देश दिए कि दर्शन के लिए प्रवेश से पहले भक्तों को अपने मोबाइल फोन और कैमरे जमा करने होंगे. मंदिर से बाहर निकलने के बाद वे परिसर की पृष्ठभूमि में फोटो और वीडियो ले सकते हैं. बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति को भक्तों के उपकरणों की सुरक्षित हिफाजत के लिए अलग व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं.

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