पूर्व मंत्री कुलबीर मलिक के गांव गतौली निवासी अमनदीप मलिक ने मात्र 24 वर्ष की आयु में गुजरात में न्यायिक सिविल परीक्षा उत्तीर्ण कर उपलब्धि हासिल कर गुजरात कैडर में जज के पद पर आसीन हो क्षेत्र को गौरवान्वित किया। शनिवार को गांव गातौली में कार्यक्रम आयोजित कर अमनदीप को समानित किया गया।
न्यायिक सिविल सेवा में परचम लहराते हुए अमनदीप मलिक ने गुजरात न्यायिक सिविल सेवा परीक्षा में शानदार सफलता हासिल करते हुए पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया में 57वां रैंक हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया। उसके पिता जोगेंद्र सिंह मलिक, ताऊ रविंद्र सिंह मलिक भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) में इंस्पैक्टर (टैलीकॉम) के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनके दादा सूबे सिंह मलिक गांव में JBT अध्यापक रहे हैं। उन्होंने अपने बेटे व पोते की इस उपलब्धि पर फख्र जताते हुए बताया कि अमनदीप बचपन से ही होनहार लड़का था और अपना अधिकतर समय अध्यन एवं पठन- पाठन में ही व्यतीत करता था।

अमनदीप मलिक की प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा मध्यप्रदेश में शिवपुरी जिले के केंद्रीय विद्यालय से हुई। विशाखापट्टन से एल.एल.बी. की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने न्यायिक सेवा में जाने का लक्ष्य तय किया और कड़ी मेहनत के दम पर पहले ही प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। उसकी इस सफलता से परिवार, मित्रों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। पूर्व मंत्री कुलबीर सिंह मलिक पारिवारिक रिश्ते में में दादा लगते हैं। उन्होंने व अन्य लोगों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अमनदीप ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता, पिता, ताऊ, दादा, गुरुजनों व घनिष्ठ मित्रों को दिया। गांव गतौली में पहुंचने पर गांव में बड़े प्रवेश द्वार व होर्डिंग्स इत्यादि लगा अमनदीप को जुलूस की शक्ल में गाजे-बाजे के साथ लाया लाया गया।
