ग्रेटर कैलाश क्षेत्र में 1 फरवरी को सुनार की दुकान में हुई लूट को जहां पुलिस ने सुलझा कर वकील सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मामले की जांच में एक हैरतअंगेज खुलासा हुआ है। इसमें गिरफ्तार आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए अपने ही एक दोस्त की हत्या कर उसके शव को दफना दिया था। वहीं पुलिस ने शव को बरामद भी कर लिया है।

एस.पी. साउथ अजय कुमार ने बताया कि 5 अप्रैल को सतवारी पुलिस स्टेशन में एक व्यक्ति अशोक कुमार द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया था कि उनका 24 वर्षीय बेटा हर्ष देव शर्मा 3 दिन से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता है। हर्ष के पिता और भाई ने हर्ष के मोबाइल सम्पर्क पुलिस को जांच के लिए दिए। पुलिस ने मोबाइल नंबर के आधार पर जांच शुरू की। जिसमें पता चला कि हर्ष के ग्रेटर कैलाश लूट मामले के आरोपियों राहुल, तुषार व भारत भूषण के साथ नजदीकी सम्पर्क थे। जिसके चलते पुलिस ने आरोपी भारत भूषण निवासी बिशनाह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।

सख्ती से की गई पूछताछ में भारत टूट गया और उसने पुलिस को बताया कि लूट के मुख्यारोपी सुनील शर्मा के साथ हर्ष की करीबी दोस्ती थी। सुनील ने हर्ष के साथ वारदात से पहले ही लूट की साजिश के बारे में बात की थी। 10 फरवरी को लूट के आरोपी एडवोकेट राहुल शर्मा ने पुलिस को चकमा देने के लिए सुनील को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवा दिया। इसके बाद हर्ष लूट के हिस्से की मांग को लेकर राहुल शर्मा से सम्पर्क करता रहा। अपने आप को फंसा हुआ देख राहुल ने तुषार व भारत भूषण के साथ मिल कर हर्ष की हत्या की साजिश रची।

राहुल अपने जन्मदिन की पार्टी देने के लिए हर्ष और अन्य आरोपियों को मानसर ले गया। जहां सबने खूब शराब पी और उसके बाद मौका मिलते ही तीनों ने हर्ष की हत्या कर दी। वापसी में सुरिंसर से 8 किलोमीटर की दूरी पर आरोपियों ने हर्ष के शव को दफना दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर हर्ष के शव को बरामद कर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

हर्ष के परिजनों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि हर्ष के पास साइकिल भी नहीं थी। वह ऑटो चलाता था। न ही वह डकैत था न ही उसके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज है। पुलिस का कहना है कि डकैतों से लूट के हिस्से की मांग करने की वजह से हर्ष की हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता, मामले की जांच होनी चाहिए।

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