गाजा पट्टी पर इजरायल के मिसाइल हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। रविवार को नुसेरत शरणार्थी शिविर में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब पानी भरने के लिए कतार में खड़े मासूम बच्चों और स्थानीय लोगों पर अचानक मिसाइल गिर गई। स्थानीय अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हमले में कम से कम 8 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 6 बच्चे शामिल हैं जबकि  17 लोग घायल हुए हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

हमला एक सार्वजनिक जल वितरण केंद्र पर हुआ, जहां लोग ईंधन संकट और सीवेज सिस्टम के बंद होने के कारण साफ पानी लेने के लिए जमा हुए थे। अल-अवदा अस्पताल के आपातकालीन विभाग के डॉक्टर अहमद अबू सैफान के मुताबिक, घायलों में ज्यादातर बच्चे हैं। कई की हालत नाजुक है।गाजा पट्टी में अब तक इजरायली हमलों में 58,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे हैं। बीते 24 घंटों में ही 139 नई मौतें दर्ज की गईं। रविवार को हुए इस मिसाइल हमले ने जख्मों को और गहरा कर दिया।
 इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने हमले को मानवीय त्रासदी बताते हुए खेद जताया है। IDF ने बयान में कहा कि तकनीकी खराबी के कारण निशाना चूक गया। उनका दावा है कि असली टारगेट कोई और था और नागरिकों को निशाना नहीं बनाया गया था। IDF ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं। इसी बीच फिलिस्तीनी मीडिया ने दावा किया है कि रविवार सुबह गाजा सिटी के एक भीड़भाड़ वाले बाजार इलाके में एक और इजरायली हमला हुआ, जिसमें एक वरिष्ठ डॉक्टर समेत 12 लोगों की मौत हो गई।

IDF ने इस हमले पर भी बयान जारी कर कहा “हम निर्दोष नागरिकों को हुए नुकसान पर खेद जताते हैं। घटना की जांच की जा रही है।” ईंधन की भारी कमी से इलाके के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद हो गए हैं। नल सूख गए हैं। लोग साफ पानी के लिए सार्वजनिक वितरण केंद्रों पर निर्भर हैं, जहां हर दिन लंबी कतारें लग रही हैं। ऐसे में लोग अपनी जान जोखिम में डालकर भी पानी लेने पहुंच रहे हैं और अब वहां भी मिसाइलें बरस रही हैं।

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