दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पाकिस्तान समर्थित अखिल भारतीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। दिल्ली, तेलंगाना और मध्य प्रदेश से पाँच आतंकवादियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से हथियार, कारतूस और आईईडी सामग्री बरामद की गई है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दिल्ली, झारखंड, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में समन्वित छापेमारी में हथियार, गोला-बारूद और बम बनाने वाले रसायन भी जब्त किए गए हैं। यह समूह हिंसक तरीकों से भारत में ‘खिलाफत’ स्थापित करने की साजिश रच रहा था।

त्योहारी सीजन से पहले बड़ी कार्यवाही

जांचकर्ताओं ने आगामी त्योहारी सीजन से पहले यह कार्रवाई करते हुए यह आतंकवाद-रोधी एक बड़ी सफलता हासिल की है और इन गिरफ्तारियों ने पूरे भारत में फैले गिरोह को ध्वस्त कर दिया है जो जिहादी प्रशिक्षण के लिए एक भूमिगत आधार बनाने के लिए काम कर रहा था। झारखंड के 23 वर्षीय एक स्नातकोत्तर युवक के नेतृत्व में सभी आरोपी कथित तौर पर गुप्त प्रशिक्षण के अड्डे स्थापित करने के लिए भूमि अधिग्रहण की साजिश रच रहे थे, जिसका अंतिम उद्देश्य ‘गजवा-ए-हिंद’ छेड़ना था।

आतंकवादी पाकिस्तान स्थित एक आका के संपर्क में थे 

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (विशेष प्रकोष्ठ) प्रमोद कुशवाह ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘आतंकवादी यहां पाकिस्तान स्थित एक आका के संपर्क में थे, जो उन्हें सोशल मीडिया मंच के माध्यम से निर्देश देता था, उन्हें कट्टरपंथी बनाता था और उन्हें हथियार, रसायन तथा गोला-बारूद के घटक एकत्र करने का निर्देश देता था। उन्होंने कहा, ‘‘समूह का उद्देश्य न केवल आईईडी तैयार करना था, बल्कि हथियार बनाने और कट्टरपंथी दुष्प्रचार फैलाने के लिए एक आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र बनाना भी था।’’

उन्होंने कहा कि विशेष प्रकोष्ठ ने झारखंड, तेलंगाना, कर्नाटक, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के पुलिस बलों और आतंकवाद निरोधक दस्तों के साथ निकट समन्वय में अभियान शुरू किए। कुशवाह ने कहा, ‘‘हमने झारखंड के बोकारो निवासी और मॉड्यूल के सरगना अशहर दानिश उर्फ ​​सीईओ (23), मुंबई के कल्याण निवासी आफताब नासिर कुरेशी (25), महाराष्ट्र के मुंब्रा निवासी सूफियान अबुबकर खान (20), तेलंगाना के नरसापुर निवासी मोहम्मद हुजैफ यमन (20) और मध्य प्रदेश के राजगढ़ निवासी कामरान कुरैशी उर्फ ​​समर खान (26) को गिरफ्तार किया है।’’

गुप्त आतंकवादी प्रशिक्षण  

पुलिस ने एक बयान में कहा कि यह गिरोह ‘खिलाफत क्षेत्र’ स्थापित करने के लिए गुप्त आतंकवादी प्रशिक्षण को जमीन अधिग्रहण की साजिश रच रहा था, जिसका अंतिम उद्देश्य गजवा-ए-हिंद (भारत पर हमला) था। बयान में कहा गया कि दानिश को रांची से गिरफ्तार किया गया और उसके किराए के कमरे से आईईडी बनाने वाले उपकरण समेत रासायनिक पदार्थ ज़ब्त किए गए। उसने स्वीकार किया कि उसने हिंसक तरीकों से खिलाफत स्थापित करने की आपराधिक साजिश के तहत हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक खरीदे थे।

पुलिस के अनुसार, उसने बताया कि उसे पाकिस्तान स्थित एक आका से निर्देश मिल रहे थे और वह अन्य मॉड्यूल सदस्यों के साथ लगातार संपर्क में था। गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए कुशवाह ने बताया कि पहली सफलता नौ सितंबर को मिली। दिल्ली के हज़रत निज़ामुद्दीन रेलवे स्टेशन से सटे थीम पार्क के पास दो संदिग्धों – आफ़ताब कुरैशी और सूफ़ियान खान – के पास दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल (.32 बोर) और 15 कारतूस बरामद हुए, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

इसके बाद 10 सितंबर को रांची, ठाणे, बेंगलुरु, निजामाबाद और राजगढ़ में छापेमारी कर अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सबसे महत्वपूर्ण बरामदगी मुख्य साजिशकर्ता अशहर दानिश के रांची स्थित किराए के कमरे से हुई, जहा पुलिस को रसायन, गोला-बारूद के पुर्जे और आईईडी बनाने के उपकरण मिले।

पुलिस ने बताया कि एक अन्य आरोपी, फ़ार्मेसी के छात्र, मोहम्मद हुज़ैफ़ यमन को निज़ामाबाद से गिरफ़्तार किया गया। उसने दानिश के मार्गदर्शन में हथियारों और गोला-बारूद से जुड़े प्रयोग करने की बात कबूल की। ​​राजगढ़ से गिरफ़्तार कामरान कुरैशी ने खुलासा किया कि वह सोशल मीडिया ग्रुप्स के ज़रिए दानिश के संपर्क में आया।

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