बाराबंकी जिले के रामनगर थाने में तैनात एक दरोगा की कार्यशैली ने उत्तर प्रदेश पुलिस की छवि को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ‘मित्र पुलिस’ का दावा करने वाली खाकी पर एक पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि एक पुराने मामले की जांच करने आए दरोगा अखिलेश यादव ने पहले घर में पैठ बनाई और फिर पीड़ित की पत्नी पर बदनीयत रखते हुए उसे अपने जाल में फंसा लिया। विरोध करने पर पूरे परिवार को डकैती और शराब तस्करी के झूठे केस में जेल भेजने की धमकी दी जा रही है।
मामले की शुरुआत 20 दिसंबर 2024 को हुई थी जब पीड़ित अरुण कुमार की पत्नी का अपने चाचा के साथ विवाद हुआ था। इस मामले की जांच के लिए दरोगा अखिलेश यादव उनके गांव कुम्हरवा पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि दरोगा ने पहले उसका विश्वास जीता उसे अपनी प्राइवेट गाड़ी चलाने के लिए रखा और पत्नी को बड़े अस्पताल में नौकरी लगवाने का लालच दिया। इसी बहाने दरोगा ने महिला का नंबर ले लिया और मेल-जोल बढ़ाना शुरू कर दिया।
घटनाक्रम में तब नया मोड़ आया जब परिवार को दरोगा की नीयत पर शक हुआ। ससुर और पति के अनुसार एक बार जब महिला अपनी ननद अनीता के साथ अस्पताल गई थी तब दरोगा वहां पहुंचे और ननद के विरोध के बावजूद महिला को जबरन कार में बैठाकर करीब एक घंटे तक कहीं ले गए। इसी तरह एक अन्य दिन जब घर के पुरुष सदस्य बाहर थे तब दरोगा अचानक घर धमक पड़े और वहां मौजूद ननद को बहाने से नमकीन-बिस्कुट लेने दुकान भेजकर घर के अंदर दाखिल हो गए। ननद जब वापस लौटी तो उसने दरोगा और महिला को आपत्तिजनक स्थिति में देखा।
जब पति को इस ‘इश्किया वर्दी’ की भनक लगी और उसने विरोध किया तो दरोगा अपनी पावर दिखाने लगा। आरोप है कि अखिलेश यादव ने पीड़ित को फोन पर भद्दी गालियां दीं और धमकी दी कि उसे शराब के केस में फंसाकर गुंडा बना देगा। दरोगा ने अहंकार में यहां तक कह दिया कि महिला उसके खिलाफ कभी बयान नहीं देगी। हालांकि पीड़ित पति के पास दरोगा के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग और कॉल डिटेल्स मौजूद हैं जो यह साबित करने के लिए काफी हैं कि एक जांच अधिकारी का किसी महिला के साथ इतने लंबे समय तक संपर्क में रहना संदिग्ध है।इस पूरे मामले पर सीओ रामनगर गरिमा पंत का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है और पीड़ित परिवार व आरोपी दरोगा को बयान के लिए तलब किया गया है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पीड़ित परिवार ने जिले के कप्तान अर्पित विजयवर्गीय और मुख्यमंत्री पोर्टल पर न्याय की गुहार लगाई है।
