भारत ने पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने अपनी ताकत का एक साहसिक प्रदर्शन करते हुए सर्जिकल सटीकता के साथ पाकिस्तान के अंदर 11 प्रमुख एयरबेसों पर हमला किया, जिससे इस्लामाबाद के सैन्य तंत्र को एक बड़ा झटका लगा। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि जहां पाकिस्तान आयातित एचक्यू-9 और एचक्यू-16 प्रणालियों पर निर्भर था, जो भारतीय हमलों को रोकने में विफल रहीं, वहीं आकाशतीर ने स्वचालित वायु रक्षा में भारत के दबदबे को प्रदर्शित किया।

सरकारी कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) द्वारा निर्मित आकाशतीर को लगभग एक वर्ष पहले भारतीय सेना में शामिल किया गया था।

रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘‘अंधेरे आसमान में एक नए प्रकार का योद्धा जाग उठा। वह लड़ाकू विमान की तरह दहाड़ता नहीं था, न ही मिसाइल की तरह चमकता था। वह सुनता था। वह गणना करता था। वह हमला करता था।’’

इसने कहा, ‘‘यह अदृश्य कवच, आकाशतीर, अब रक्षा पत्रिकाओं तक सीमित अवधारणा नहीं है। यह भारत की वायु रक्षा की तेज धार है, वह अदृश्य दीवार है जिसने 9 और 10 मई की रात मिसाइलों और ड्रोन की बौछार को रोक दिया, जब पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य और नागरिक क्षेत्रों पर अपना सबसे घातक हमला किया था।’’

भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में छह मई की देर रात पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों पर भीषण वार किया था।

भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने 8, 9 और 10 मई को भारत के सैन्य ठिकानों पर हमला करने का प्रयास किया।

पाकिस्तानी प्रयासों का भारतीय पक्ष ने कड़ा जवाब दिया तथा वायु सैन्य ठिकानों, वायु रक्षा प्रणालियों, कमान एवं नियंत्रण केंद्रों तथा रडार स्थलों सहित कई प्रमुख पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठानों को भारी क्षति पहुंचाई।

विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने 10 मई को घोषणा की कि भारत और पाकिस्तान भूमि, वायु और समुद्र में सभी प्रकार की गोलीबारी और सैन्य कार्रवाइयों को तत्काल प्रभाव से रोकने पर सहमत हो गए हैं।

आकाशतीर की भूमिका को साझा करते हुए रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह भारत की पूर्णतया स्वदेशी, स्वचालित वायु रक्षा नियंत्रण एवं रिपोर्टिंग प्रणाली है, जो आने वाले हर प्रक्षेपास्त्र को रोककर उसे निष्क्रिय कर देती है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘आकाशतीर ने दिखा दिया है कि यह दुनिया में मौजूद किसी भी चीज़ से अधिक तेजी से देखता है, निर्णय लेता है और हमला करता है।’’

वायु रक्षा प्रणाली की विशेषताओं के बारे में मंत्रालय ने कहा कि यह प्रणाली ‘मित्रवत’ गोलीबारी की संभावना को कम करती है, जिससे शत्रु के लक्ष्यों पर तेजी से हमला किया जा सकता है। साथ ही विवादित हवाई क्षेत्र में विमानों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘आकाशतीर क्रूर बल के बारे में नहीं है, यह बुद्धिमान युद्ध के बारे में है। यह प्रणाली सभी संबंधित पक्षों (नियंत्रण कक्ष, रडार और डिफेंस गन) को एक सामान्य, तात्कालिक समय की हवाई तस्वीर प्रदान करती है, जिससे समन्वित हवाई रक्षा अभियान संभव होता है।’’

बयान में कहा गया, ‘‘यह प्रणाली स्वचालित रूप से दुश्मन के विमानों, ड्रोन और मिसाइलों का पता लगाने, उन पर नजर रखने और उन पर हमला करने के लिए डिजाइन की गई है।’’

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