कोरोना वायरस के लक्षणों के बारे में आप कितना जानते हैं? देश और दुनिया में इन दिनों जो वेरिएंट एक्टिव है उसके लक्षणों में सिरदर्द, बुखार समेत गले में खराश और खांसी शामिल है। हालांकि, भारत में अब कोरोना काफी हद तक नियंत्रित किया जा चुका है। मगर इस बीच एक और नई समस्या सामने आ गई है, वह यह है कि इस वक्त कोरोना के NB.18.1 वेरिएंट जिसे निंबस के नाम से भी जाना जाता है का एक भयानक और दर्दभरा लक्षण सामने आया है। यह लक्षण ऐसा है जिसमें मरीज को गले में रेजर ब्लेड से कटने जैसी चुभन और दर्द होता है।

WHO ने क्या बोला?

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के मुताबिक, गले में इस दर्द को  ‘रेजर ब्लेड थ्रोट’ कहते हैं। इसके मरीज पिछले महीने के अंत में साउथ ईस्ट एशिया, भूमध्यसागरीय और पश्चिमी प्रशांत क्षेत्रों जैसे क्षेत्रों में सबसे ज्यादा पाए गए थे।  इनकी रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के वाशिंगटन, न्यूयॉर्क  और कैलिफोर्निया जैसे राज्यों के एयरपोर्ट पर की गई टेस्टिंग में जो पॉजिटिव मरीज मिले थे, उन्हें भी ऐसे लक्षण देखने को मिले थे।

फिलहाल, डब्ल्यूएचओ ने इस वेरिएंट को अपनी निगरानी में रखा है और इस पर लगातार जांच कर रही है, ताकि इसके बारे में और जानकारी मिल सके। हालांकि, इस वेरिएंट को बहुत ज्यादा खतरनाक नहीं माना गया है। हां, यह सही है कि इस वेरिएंट के फैलने की क्षमता बहुत ज्यादा अधिक है, लेकिन जरूरी नहीं है कि इससे किसी की जान को जोखिम बने। यह पुराना वेरिएंट ही है, जो एक बार फिर एक्टिव हो गया है। इससे मौत की संभावनाएं उन्हीं लोगों में बहुत ज्यादा होती है, जो किसी अन्य रोग से भी पीड़ित होता है।

कितना खतरनाक लक्षण?

रांची रिम्स अस्पताल के डॉक्टर विकास बताते हैं कि यह लक्षण गंभीर नहीं है मगर लापरवाही बरतना सही नहीं होगा क्योंकि कई बार हम जाने-अनजाने में भी बीमारियों को अपने पास बुला लेते हैं। वैसे तो इस वेरिएंट को ओमिक्रोन का सब-वेरिएंट कहा जाता है। इसके कुछ लक्षण जैसे गले में खराश आदि तो पहले से मौजूद है। इस बार के वेरिएंट गले पर ज्यादा अटैक कर रहे हैं, इसलिए हमें ध्यान ये देना है कि गले में किसी प्रकार की समस्या न हो सके। अगर किसी को गले में कोई समस्या महसूस हो रही है, तो उन्हें ज्यादा समय बर्बाद करने से बेहतर है कि वे तुरंत जांच करवाएं।

NB.18.1 वेरिएंट के कुछ अन्य लक्षण

  • गले में खराश होना।
  • हल्की सूखी खांसी होना।
  • नाक बहना और बंद होना।
  • सांस लेने में तकलीफ महसूस करना।
  • सिरदर्द और बुखार के साथ थकान होना।
  • कुछ मरीजों में मतली और भूख में कमी महसूस हो सकती है।

बचाव के उपाय

  • स्वस्थ आदतों का पालन करें जैसे हाथों की सफाई, सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
  • मास्क जरूर लगाएं।
  • बहुत ज्यादा ठंडा पानी न पिएं।
  • अपनी नींद पूरी करें और खान-पान सही रखें।

By admin

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