कांग्रेस के दिग्गज नेता रामेश्वर डूडी का निधन हो गया है. 62 वर्षीय रामेश्वर पिछले 2 साल से कोमा में थे और इसी स्थिति में उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा. 2 साल पहले ब्रेन स्ट्रोक होने के बाद वे कोमा में चले गए थे. आज सुबह 11 बजे बीकानेर में पूगल रोड बगेची में उनका अंतिम संस्कार होगा. राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट लिखकर रामेश्वर डूडी के निधन पर शोक जताया और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवदेना जताई.

अशोक गहलोत ने ट्वीट करके जताया शोक

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने X हैंडल पर पोस्ट में लिखा कि पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं बीकानेर से सांसद रहे रामेश्वर लाल डूडी का निधन बेहद दुखद खबर है. 2 साल तक बीमार रहने के बाद अल्पायु में उनका जाना हमेशा खलता रहेगा. यह मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर एक आघात है. रामेश्वर डूडी ने अपनी हर भूमिका का निर्वहन अच्छे से किया. वह मेरे साथ सांसद, विधायक और हमारे नेता प्रतिपक्ष रहे. किसान वर्ग के लिए वो हमेशा काम करते रहे.

मुझे याद है कि ब्रेन स्ट्रोक पड़ने से कुछ दिन पूर्व ही वो मिलने आए थे और हमारे बीच लम्बी बातचीत हुई थी. हमने उनके इलाज के लिए बेहतर से बेहतर प्रबंध किए. एक सक्रिय जीवन जीने वाले डूडी का ऐसे बीमार होना हम सबके मन को कचोटता था. मैं ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति एवं परिजनों को हिम्मत देने की प्रार्थना करता हूं.

सियासत में जाट समुदाय का चेहरा था डूडी

बता दें कि रामेश्वर डूडी राजस्थान की सियासत में जाट समुदाय का बड़ा चेहरा थे. वे बीकानेर की नोखा तहसील के गांव बिरमसर में जन्मे थे, लेकिन उनके निधान से गांव और पूरा नोखा क्षेत्र शोक में डूब गया है. कांग्रेस की राज्य और केंद्रीय राजनीति में रामेश्वर डूडी के बड़े नेताओं से संबंध थे. वे कांग्रेस के बड़े नेताओं में गिने जाते थे.

उन्होंने नोखा पंचायत समिति के अध्यक्ष प्रधान का चुनाव जीतकर राजनीति में कदम रखा था. वे 2 बार जिला प्रमुख, एक बार सांसद और एक बार विधायक रहे थे. नोखा विधानसभा क्षेत्र से MLA चुनाव जीतकर वे कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष बने थे. रामेश्वर डूडी की पत्नी सुशीला डूडी वर्तमान में नोखा से विधायक हैं. रामेश्वर लाल डूडी वर्तमान में राजस्थान एग्रीकल्चरल इंडस्ट्री डेवलपमेंट बोर्ड के अध्यक्ष थे और राजस्थान की राजनीति में भी काफी सक्रिय थे.

बीकानेर से लोकसभा सांसद भी रहे डूडी

बता दें कि रामेश्वर डूडी राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में वे नोखा विधानसभा सीट से चुनाव हार गए, लेकिन बावजूद इसके पार्टी में उनकी स्थिति मजबूत रही. वे लंबे समय से कांग्रेस के सदस्य थे और वसुंधरा राजे की सरकार के दौरान उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभाई थी. वे बीकानेर से कांग्रेस के लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं. वे राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) चुनाव में भी खड़े हुए थे, लेकिन वे हार गए थे.

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