उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और राज्यसभा सांसद रहे अपने समय के कद्दावर नेता स्वर्गीय चौधरी नरेन्द्र सिंह के परिजनों ने कड़ा ऐतराज़ जताते हुए कहा है कि कुछ लोग उनकी राजनीतिक छवि और जनाधार का अनुचित लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं। परिवार ने साफ शब्दों में कहा कि स्व. नरेन्द्र सिंह के नाम और तस्वीर का उपयोग किसी भी राजनीतिक दल या व्यक्ति द्वारा बिना अनुमति के नहीं किया जा सकता।

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स्व. नरेन्द्र सिंह ने ऊर्जा, कृषि, खाद्य एवं रसद जैसे महत्वपूर्ण विभागों में कैबिनेट मंत्री के रूप में प्रदेश की जनता की सेवा की। वर्ष 1995 में बहुजन समाज पार्टी के 21 विधायकों को संगठित कर भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसके बाद कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने और नरेन्द्र सिंह को ग्रामीण विकास मंत्री बनाया गया। बाद में, जब 1997 में रामप्रकाश गुप्ता मुख्यमंत्री बने, तब भी वे खाद्य एवं रसद मंत्री के रूप में सरकार में शामिल रहे।

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परिवार का कहना है कि हाल ही में कुछ राजनीतिक बैनरों और प्रचार सामग्री में उनके नाम और चित्र का उपयोग किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य केवल राजनीतिक लाभ उठाना है। इस संदर्भ में नरेन्द्र सिंह के पुराने सहयोगी और वर्तमान में भाजपा कानपुर दक्षिण के जिला मंत्री संजय कटियार ने भी पुष्टि की कि स्व. नरेन्द्र सिंह सदैव निष्कलंक और निस्वार्थ राजनीतिक मूल्यों के पक्षधर रहे।

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स्व. चौधरी नरेन्द्र सिंह की पौत्रियों, निहारिका सिंह और अवंतिका सिंह ने कहा कि उनके बाबा जी ने अपने अंतिम समय तक जनकल्याण के लिए कार्य किया, और वे सदैव ऐसी स्वार्थपूर्ण राजनीति से दूर रहे। इसलिए, उनके नाम या छवि का कोई भी दुरुपयोग न केवल गलत है, बल्कि निंदनीय भी है। परिजनों ने स्पष्ट किया है कि स्व. नरेन्द्र सिंह के नाम या तस्वीर का इस्तेमाल करना केवल पारिवारिक सहमति के बाद ही उचित होगा। यदि कोई राजनीतिक दल या व्यक्ति उनका उपयोग अपने हित में करता है, तो परिवार उसका विरोध करेगा।

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