जिला राजौरी के कल्लर अन्द्रोला (Kallar Androla) क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल पिछले 12 वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है, जो अब प्रशासनिक उदासीनता और विकास कार्यों में लापरवाही का बड़ा उदाहरण बन चुका है। करोड़ों रुपए की लागत से शुरू की गई यह परियोजना आज तक पूरी नहीं हो सकी है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पुल का निर्माण कार्य शुरू तो किया गया था, लेकिन एप्रोच रोड के निर्माण को लेकर उत्पन्न विवादों और विभागीय तालमेल की कमी के कारण यह परियोजना बीच में ही ठप हो गई। आज स्थिति यह है कि पुल का ढांचा खड़ा है, लेकिन दोनों ओर सड़क न होने के कारण वह किसी भी उपयोग का नहीं रह गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस पुल के अधूरे रहने से उन्हें रोजमर्रा के आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। विशेषकर बरसात के मौसम में नदी पार करना जोखिम भरा हो जाता है। स्कूली बच्चों, बुज़ुर्गों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्थानीय निवासियों ने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से इस पुल के निर्माण को पूरा करने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। लोगों का आरोप है कि संबंधित विभागों और अधिकारियों की लापरवाही के कारण सार्वजनिक धन बर्बाद हो रहा है और जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
