पट्टे की जमीन से कब्जा हटाने और पत्नी के नाम कराने की मांग को लेकर दिव्यांग युवक पूरे परिवार के साथ जिला अस्पताल स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गया। परिवार के पानी की टंकी पर चढ़े होने की सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने युवक को बातचीत कर उसे समझाया। लगभग साढ़े चार घंटे पश्चात वह बच्चों को लेकर पानी की टंकी से उतरा। पुलिस ने परिवार का मेडिकल कराते हुए कार्रवाई का आश्वासन देकर घर भेज दिया।
भौराकलां थाना क्षेत्र के गांव हडौली निवासी दिव्यांग कल्लू सोमवार सुबह लगभग साढ़े छह अपनी पत्नी पूनम और चार बच्चे नीशू, राधिका, शिवम व अर्पित को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा और जिला अस्पताल में स्थित पानी की टंकी पर परिवार के साथ चढ़ गया। उसने एक बैनर भी पानी की टंकी पर लटका दिया। सुबह अस्पताल के कर्मचारियों ने परिवार को पानी की टंकी पर चढ़ा देखकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। जानकारी मिलते ही एसडीएम परमानंद झा, सिटी मजिस्ट्रेट विकास कश्यप, सीओ सिटी रामआशीष यादव पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर दमकल विभाग की गाड़ी को भी बुलवा लिया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कल्लू से बात की।
तो उसने बताया कि उसे गांव में नौ बीघा जमीन पट्टे पर मिली हुई थी, पहले इस पट्टे पर जमीन पर वर्षों तक दंबगों का कब्जा रहा। उसने उस पट्टे की भूमि को समतल कराया। पट्टे की समयावधि 30 साल थी। वह हार्ट का मरीज है। इसलिए वह पट्टा उसकी पत्नी के नाम 99 साल की लीज पर दे दिया जाए। वहीं, उसे प्रधानमंत्री आवास के अंतर्गत मकान में आवंटित कराया जाए। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह पानी की टंकी से नीचे नहीं उतरा। कई बार प्रयास करने के पश्चात अधिकारी एक तरफ खड़े हो गए।
वहीं अन्य पुलिसकर्मी लगातार परिवार को समझाते रहे। लगभग साढ़े चार घंटे पश्चात परिवार के लोग पानी की टंकी से नीचे उतरे। उसके बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे कार्रवाई का आश्वासन दिया। सीओ सिटी रामआशीष यादव का कहना है कि परिवार का मेडिकल कराकर उसे कार्रवाई का आश्वासन देकर घर भिजवा दिया है।
साल पहले भी पेड़ पर चढ़ा था दिव्यांगपुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि लगभग एक साल पूर्व दिव्यांग गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसमस्याएं सुनवाई में पहुंच गया था। वहां भी वह एक पेड़ पर चढ़ गया था। उस समय उसने बच्चों के नाम पट्टे की जमीन की मांग की थी। उस समय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे किसी तरह समझाकर पेड़ से उतरा था। उसके बाद उसे पट्टे की जमीन दी गई थी। पुलिस ने यह भी बताया कि उसने अपने हाथ में खुद गोली मार ली थी। कई दिनों तक उसका पानीपत में उपचार चला था।
पानी की टंकी पर चढ़ने वाले कल्लू ने अपने सीने पर अपनी मां, शिवाय व मुख्यमंत्री के नाम योगी खुदवा रखा है। उसने कई बार अपनी शर्ट को ऊपर कर सीने को दिखाया। उसने पुलिस अधिकारियों को बताया कि वह पट्टे की जमीन अपनी पत्नी के नाम पर कराना चाहता है ताकि भविष्य में उसके बच्चों को भरण पोषण हो चुके है।
जिला अस्पताल में पानी की टंकी के पास कोई सिक्योरिटी गार्ड न होने के कारण सुबह परिवार पानी की टंकी पर चढ़ गया। लगभग 60 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़े होने की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों में हड़कम्प मच गया। आननफानन में अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिवार को नीचे उतारने का भरसक प्रयास किया। हालांकि इस दौरान पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों में अनहोनी की आशंका को देखते हुए हड़कंप मचा रहा। लगभग साढ़े चार घंटे पश्चात परिवार के सकुशल नीचे उतरने के बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकरियों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने जिला अस्पताल चौकी पर बैठाकर परिवार को काफी देर तक समझाया और कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
