छत्तीसगढ़ की राजनीति और धार्मिक जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। कथावाचक रामानुरागी जी महाराज छत्तीसगढ़ विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि कथा आयोजन के बाद उन्हें तय किया गया भुगतान नहीं किया गया। इस मामले में उन्होंने प्रदेश के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
भुगतान नहीं मिलने पर धरना
रामानुरागी जी महाराज के मुताबिक, अंबिकापुर के लखनपुर में छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने 2 जनवरी 2026 से लेकर 9 जनवरी 2026 तक श्रीमद्भागवत गीता का आयोजन किया था। कथावाचक का आरोप है कि कार्यक्रम कराने के बाद भी उन्हें उनका भुगतान नहीं दिया गया। जब भी वे पैसे लेने जाते हैं उन्हें धक्के मारकर भा दिया जाता है। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाए कि सनातन धर्म की यही मर्यादा है क्या। एक संत के साथ घोर अन्याय और अपमान किया जाता है। इसी को लेकर उन्होंने अब न्याय की मांग करते हुए विधानसभा के बाहर धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।
मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप
रामानुरागी जी महाराज ने एक वीडियो जारी कर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल पर सीधे आरोप लगाए हैं। कथावाचक का कहना है कि मंत्री ने कथा कार्यक्रम करवाया लेकिन उसके बाद भुगतान नहीं किया गया। इस मामले को लेकर उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी पीड़ा व्यक्त की और प्रशासन से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
वीडियो जारी कर मांगा न्याय
कथावाचक का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने कहा है कि उन्हें लगातार न्याय नहीं मिल रहा है, इसलिए वे मजबूर होकर विधानसभा के बाहर धरना दे रहे हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की अपील की है।
आत्मदाह की चेतावनी
रामानुरागी जी महाराज ने कहा है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर हो सकते हैं। उनके इस बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया है। फिलहाल इस घटना को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
