केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने फर्जी मेडिकल बिल जारी करने से संबंधित 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी के एक मामले में असम के जोरहाट स्थित ओएनजीसी के पूर्व उप महाप्रबंधक (डीजीएम) और नौ अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि ओएनजीसी की शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में आरोपी पूर्व डीजीएम बिजॉय कुमार शॉ और उनके सहयोगी तत्कालीन संविदा चिकित्सा अधिकारी (व्यावसायिक स्वास्थ्य) ईशित्व तामुली तथा आठ सूचीबद्ध निजी मेडिकल दुकानों के मालिकों के नाम शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि एजेंसी ने आरोप लगाया है कि समूह ने 2019 और 2022 के बीच मिलीभगत से काम किया और इस दौरान फर्जी चिकित्सा दस्तावेज बनाकर धन की हेराफेरी की गई।

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