बीजेपी में विलय पर भी चर्चा संभव है. हालांकि मर्जर की बात को लेकर राष्ट्रीय लोक मोर्चा और बीजेपी की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. फिलहाल सबकी नजर इस संभावित मुलाकात और उसके बाद आने वाले आधिकारिक बयान पर टिकी हुई है. दरअसल बिहार में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं जिसमें उपेंद्र कुशवाहा की भी 1 सीट है.

उपेंद्र कुशवाहा से हुआ था वादा!

बिहार विधानसभा चुनाव में कुशवाहा की पार्टी चार सीटें जीती. उसी समय इस बात पर भी चर्चा हुई थी कि उनको राज्यसभा और विधान परिषद की भी एक सीट भी दी जाएगी. हालांकि इसका कोई औपचारिक ऐलान तब नहीं किया गया था.

कुशावाहा के बेटे दीपक बिहार में हैं मंत्री

कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को बिहार सरकार में मंत्री बनाया है जो किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. अब तक उनको विधान परिषद में नहीं भेजा गया है.

राज्यसभा चुनाव के लिए 5 मार्च नामांकन की लास्ट डेट

अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या कुशवाहा को NDA राज्यसभा भेजेगी या BJP शर्त रखेगी की अपनी पार्टी का विलय कर दें और राज्यसभा की एक सीट ले लें और बेटे के लिए विधान परिषद की भी एक सीट ले लें. बता दें राज्यसभा चुनाव को लेकर नामांकन की अंतिम तिथि 5 मार्च है.

राज्यसभा के लिए सीटों का गणित क्या है?

बता दें कि 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन चाहिए. अभी एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं. इसके आधार पर, एनडीए आसानी से चार सीटें जीत सकती है. चार सीटें जीतने के बाद भी उसके पास कुछ वोट बचे हैं, लेकिन अगर मुकाबला होता है, तो पांचवीं सीट जीतने के लिए उसे अन्य विधायकों की जरूरत पड़ेगी. विपक्षी खेमे में राष्ट्रीय जनता दल की अगुवाई वाला महागठबंधन है. महागठबंधन के पास कुल 35 विधायक हैं. इसे एक सीट पर जीत दर्ज करने के लिए अन्य विधायकों की जरूरत पड़ेगी.

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights