ईरान और इजराइल के बीच छठे दिन भी जंग जारी रही। गुरुवार सुबह ईरान की एक मिसाइल ने इजराइल के मुख्य अस्पताल “सोरोका मेडिकल सेंटर” पर सीधी टक्कर मारी। यह अस्पताल इजराइल के दक्षिणी हिस्से का सबसे बड़ा चिकित्सा केंद्र है। हमले में कई लोग घायल हो गए और अस्पताल को गंभीर नुकसान पहुंचा। अस्पताल प्रशासन ने लोगों से कहा है कि वे इलाज के लिए वहां न आएं। बीर शेबा में सोरोका मेडिकल सेंटर के प्रवक्ता ने बताया कि हमले में अस्पताल को ‘‘भारी नुकसान” हुआ है और लोग घायल हुए हैं। अस्पताल ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे इलाज के लिए न आएं। अस्पताल की वेबसाइट के अनुसार, इस अस्पताल में 1,000 से अधिक बिस्तर हैं और यह इजराइल के दक्षिण के लगभग 10 लाख निवासियों को सेवाएं प्रदान करता है।
हमले को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं मिल पाई है लेकिन अग्निशमन कर्मियों ने कहा कि ऐसा लगता है कि चिकित्सकीय इमारत और कुछ अपार्टमेंट इमारतों को निशाना बनाया गया है। इस बात की तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी कि इन हमलों में कोई हताहत हुआ है या नहीं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब इजराइल ने ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर पर हमला किया है। ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनल ने बृहस्पतिवार को बताया कि इजराइल ने ईरान के अराक भारी जल रिएक्टर पर हमला किया है। ईरान ने लॉन्च की ‘Fattah’ हाइपरसोनिक मिसाइल
तेहरान ने अपने नए हाइपरसोनिक मिसाइल “Fattah-1” का भी इस्तेमाल किया। यह मिसाइल 1,400 किलोमीटर तक मार कर सकती है और इसकी रफ्तार मैक 13 से 15 तक है। ईरान का दावा है कि यह मिसाइल इजराइल के केंद्र और तेल अवीव में रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना सकती है।
अमेरिका और रूस भी सक्रिय
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान पर हमला नहीं करना चाहते, लेकिन जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करने को तैयार हैं। ट्रंप ने कहा कि खामेनेई अब भी नहीं संभले तो इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हस्तक्षेप किया तो उसे “अपूरणीय नुकसान” झेलना पड़ेगा। वहीं, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस संघर्ष को खत्म करने में मध्यस्थता की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि वे ऐसा समाधान चाहते हैं जिससे ईरान शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम जारी रख सके और इजराइल की सुरक्षा भी सुनिश्चित हो।
इजराइल ने ईरान के परमाणु रिएक्टर पर किया हमला
जवाबी कार्रवाई में इजराइल ने ईरान के अराक स्थित भारी जल रिएक्टर (nuclear reactor) को निशाना बनाया। ईरानी सरकारी टीवी ने बताया कि हमला पहले से चेतावनी के बाद किया गया था और केंद्र को पहले ही खाली करवा लिया गया था। ईरान ने कहा कि “कोई रेडिएशन खतरा नहीं है।”
ऑस्ट्रेलिया ने शुरू की अपने नागरिकों की निकासी
ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने बताया कि लगभग 3,000 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक संघर्ष के बीच फंसे हुए हैं। फिलहाल हवाई रास्ते बंद हैं, इसलिए कुछ लोगों को जमीन के रास्ते निकाला गया है।
स्थिति बेहद तनावपूर्ण
फिलहाल इस युद्ध को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है, लेकिन जमीन पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। मिसाइल हमले, हवाई हमले और धमकियों के बीच मध्य पूर्व का माहौल बेहद खतरनाक बना हुआ है।
