कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी के एक सांसद और तीन विधायकों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी को कर्नाटक में पार्टी को विभाजित करने की साजिश करार दिया है।

खरगे ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को निशाना बनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य पार्टी के भीतर मतभेद पैदा कर उससे लाभ प्राप्त करना है, लेकिन वे अपने प्रयासों में सफल नहीं होंगे। प्रदेश कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं। लोकसभा चुनाव के एक साल बाद पुराने मुद्दे को लेकर परेशान किया जा रहा है। यह अनुचित है। खरगे ने कहा कि यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि प्रवर्तन निदेशालय इस घोटाले को क्या मोड़ दे रहा है।

उन्होंने कहा कि रुपयों की हेराफेरी का मामला केंद्रीय एजेंसी पर छोड़ दिया गया है। कांग्रेस ईडी की जांच में हस्तक्षेप नहीं करेगी। जनता जानती है कि चुनाव में कौन और कितना पैसा खर्च करता है। इस तरह की छापेमारी करना कोई नई बात नहीं है, लेकिन इन हथकंडों को अपनाकर कांग्रेस पार्टी को विभाजित करना असंभव है।

पीएम मोदी ने झूठ बोला, युवाओं के साथ किया धोखा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  पर भी निशाना साधते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 11 साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने 33 गलतियां की। खरगे ने पीएम मोदी पर झूठ बोलने और युवाओं को धोखा देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह ये बातें संसद में भी यह कहते रहे हैं। उन्होंने अपने पूरे राजनीतिक जीवन में ऐसा प्रधानमंत्री कभी नहीं देखा जो झूठ बोलने, युवाओं को धोखा देने और गरीबों को फंसाकर वोट हासिल करने में लिप्त रहा हो।

लोकसभा उपाध्यक्ष का पद अब तक खाली

लोकसभा उपाध्यक्ष का पद खाली रखने के लिए पीएम मोदी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इसे मान्यता प्राप्त विपक्षी दल को दिया जाना चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने अपने कार्यकाल के दौरान ऐसा किया था। पीएम मोदी विपक्ष को एक छोटा सा पद भी नहीं दे रहे हैं। इससे पता चलता है कि उन्हें लोकतंत्र में कोई विश्वास नहीं है। इस संदर्भ में उन्होंने एक पत्र भी लिखा है।

कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार नहीं होगा

खरगे ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य में तत्काल मंत्रिमंडल विस्तार या फेरबदल नहीं होगा। नई दिल्ली में वरिष्ठ पार्टी नेता राहुल गांधी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या और उप मुख्यमंत्री व प्रदेश अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार के साथ हुई बैठक में दौरान भगदड़ सहित केवल कुछ मुद्दों पर ही चर्चा की गई। राज्य में नए सिरे से जाति जनगणना कराने के सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए उन्होंने कहा कि यह जरूरी है क्योंकि पिछला सर्वेक्षण 10 साल पुराना था।

कुंभ मेले के बाद क्या योगी ने दिया इस्तीफा !

बेंगलूरु भगदड़ की घटना पर मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या के इस्तीफे की भाजपा की मांग पर उन्होंने कहा कि क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कुंभ मेले में इसी तरह की त्रासदी के बाद पद से इस्तीफा दिया। भगदड़ एक अप्रत्याशित घटना है जिसके लिए माफी मांगी गई है। पीडि़त परिवार के सदस्यों के साथ खड़ा होना चाहिए और इस बात का पूरा ध्यान रखना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

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