भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ के साथ पाकिस्तान को अंतिम चेतावनी दी है. अत्याधुनिक ड्रोन्स और नई घातक बटालियन के जरिए इस बार निर्णायक और ऐतिहासिक जीत की तैयारी है. भारतीय सेना के वेस्टर्न कमांड के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार और 2 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर ने पाकिस्तान को दो टूक लहजे में चेतावनी दी है. सेना के शीर्ष कमांडरों का कहना है कि पड़ोसी देश की सेना अपनी प्रासंगिकता बचाए रखने के लिए लगातार भारत के खिलाफ साजिशें रच रही है. पाकिस्तान न तो कारगिल से सुधरा है और न ही मई 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के झटके से उसने कोई सबक लिया है. इस बार ऑपरेशन सिंदूर 2.0 के जरिए भारतीय सेना ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर पाकिस्तान ने अपनी हरकतों पर लगाम नहीं लगाई, तो उसे ऐसा गहरा जख्म दिया जाएगा जिसे वह कभी भूल नहीं पाएगा. भारत ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तान का ‘न्यूक्लियर कार्ड’ महज एक खोखला डर है और सेना अब घुटने टिकाने वाली निर्णायक जीत के लिए पूरी तरह तैयार है.

आधुनिक तकनीक और स्वदेशी ताकत का दम

ऑपरेशन सिंदूर 2.0 की रणनीति पिछली बार से कहीं ज्यादा आधुनिक और घातक बनाई गई है. भारतीय सेना ने अपनी पैरा कैपेबिलिटी और तेज कार्रवाई के लिए ‘भैरव बटालियन’ को मैदान में उतारा है, वहीं ड्रोन ऑपरेशंस के लिए विशेष ‘अश्वनी प्लाटून’ तैयार की गई है. सेना अब अपनी वर्कशॉप में बड़े पैमाने पर स्वदेशी ड्रोन्स का निर्माण कर रही है ताकि दुश्मन के लॉन्च पैड्स और मिलिट्री बेस को सटीकता से निशाना बनाया जा सके. जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के मापदंड पहले ही नीचे आ चुके हैं, लेकिन पाकिस्तान की ओर से होने वाली घुसपैठ और ट्रेनिंग का जवाब देने के लिए सेना ने हवा, जमीन और समुद्र तीनों मोर्चों पर तैयारी मुकम्मल कर ली है. पिछली बार पाकिस्तान की गुहार के बाद सीजफायर हुआ था, लेकिन इस बार जवाब दुश्मन के व्यवहार पर निर्भर करेगा.

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights