कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक दलित व्यक्ति की निर्मम हत्या की कड़ी निंदा की. उन्होंने इसे देश के संविधान और सामाजिक समानता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ गंभीर अपराध बताया.

दोनों नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा, “हमारे देश का संविधान हर व्यक्ति को समानता की दृष्टि से मान्यता देता है. कानून हर नागरिक की सुरक्षा, अधिकार और अभिव्यक्ति का समान दर्जा सुनिश्चित करता है. रायबरेली में जो हुआ वह संविधान के खिलाफ और दलित समुदाय पर हमला है. यह हमारी समाज और राष्ट्र पर कलंक है.”

नेताओं ने देश में दलितों, अल्पसंख्यकों और गरीबों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि ये अपराध समाज के हाशिए पर रहने वाले, कमजोर और प्रतिनिधित्व या भागीदारी से वंचित लोगों को बूरी तरह प्रभावित करते हैं.

राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने हाल के घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए कहा, “चाहे हाथरस और उन्नाव में महिलाओं के खिलाफ अपराध हो, या रायबरेली में हरिओम की हत्या, या पहले की घटनाएं जैसे रोहित वेमुला का इंस्टीट्यूशनल मर्डर, मध्य प्रदेश में आदिवासी युवक पर नेता का अपमान, ओडिशा और मध्य प्रदेश में दलितों की बर्बर पिटाई, या हरियाणा में पहलू खान और यूपी में अखलाक की हत्या – हर घटना समाज, प्रशासन और शासक शक्तियों की बढ़ती असंवेदनशीलता का आईना है.”

हिंसा सभ्य समाज की पहचान नहीं- कांग्रेस नेता

कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की बीजेपी-नेतृत्व वाली एनडीए सरकार को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से भीड़ द्वारा हत्या, बुलडोजर न्याय और भीड़तंत्र जैसी प्रवृत्तियां हमारे समय की डरावनी पहचान बन गई हैं. कांग्रेस नेताओं ने जोर देकर कहा, “हिंसा किसी सभ्य समाज की पहचान नहीं हो सकती. हरिओम के साथ जो हुआ वह हमारी सामूहिक नैतिकता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है.”

मामले में 38 वर्षीय दलित व्यक्ति को स्थानीय लोगों ने ‘ड्रोन चोर’ होने के संदेह में पीट-पीटकर मार डाला. राज्य में बड़ी अफवाहें फैली हुई थीं कि लोग घरों में चोरी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं.

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