मुजफ्फरनगर। इंवेस्टर समिट में उद्योग लगाने के प्रस्ताव देने वाले निवेशकों में से अभी तक केवल 25 प्रतिशत ही अपना काम शुरू कर पाए हैं। जनपद से 12 हजार 203 करोड़ के प्रस्ताव आए थे। 137 निवेशकों ने ये प्रस्ताव दिए थे। इनके मुकाबले केवल 51 उद्यमी ही तीन हजार करोड़ के निवेश का प्रारंभ कर पाए हैं।
प्रदेश सरकार ने लखनऊ में इंवेस्टर समिट का आयोजन किया था। जनपद से निवेश के लिए 137 उद्यमियों ने 12 हजार 203 करोड़ के प्रस्ताव दिए थे। लंबे अंतराल के बाद धरातल पर यहां केवल 25 प्रतिशत उद्योग ही उतर पाए हैं। लगभग तीन हजार करोड़ का निवेश ही यहां अभी तक हो पाया है। इस बीच कई बड़े उद्यमी मैदान छोड़ चुके हैं। उद्योग केंद्र के अधिकारियों के आंकड़े मानें तो 80 उद्यमी उद्योग लगाने के लिए आगे आ सकते हैं। इनमें केवल 51 ने ही अपना काम शुरू किया है। 16 उद्यमी अपने प्रस्ताव को स्थगित कर चुके हैं। 12 उद्यमी इस योजना से ड्राॅप कर गए हैं। पांच उद्यमी अभी तक जमीन ही ढूंढ रहे हैं।जिला उद्योग केंद्र की उपायुक्त जैसमिन का कहना है कि हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं कि प्रस्ताव देने वाले निवेशक अपने उद्योगों को धरातल पर उतारें। धीरे-धीरे इन निवेशकों की संख्या बढ़ रही है।

ये हैं जिले के 10 बड़े निवेशक फर्म
निवेश रेशू एडवरटाइजिंग 600 करोड़
वसुंधरा 203 करोड़
भारतीयम बेवरेजेज 600 करोड़
एल्कोबुल्स लि. 160 करोड़
सप्तम डिकोर 301 करोड़
स्वरूप स्टील 270 करोड़
दिशा इंडस्ट्रीज 105 करोड़
टिकौला शुगर 131 करोड़
अल्पना पेपर 63 करोड़
सुपा पेनल्स 50 करोड़

2823 करोड़ के 12 प्रस्ताव हुए ड्राॅप
जिला उद्योग केंद्र की उपायुक्त जैसमिन ने बताया कि 12 उद्यमी ऐसे हैं जिन्होंने निवेश के लिए प्रस्ताव दिए थे, लेकिन वह पीछे हट गए है। इनमें दो हजार करोड़ के प्रस्ताव देने वाले सुभाषचंद्र माहेश्वरी का निधन हो गया है। सस्टेन लिमिटेड, सोलिटियर इन ग्रांड, प्रीतुल मशीन यूनिट, श्री सतगुरु मेटल, मोरवेल ट्यूब्स, संजय जैन, पीतम सिंह शिक्षा प्रसार समिति, ब्लू स्टार सेनिटरी इंडस्ट्रीज, मीनू पेपर, केमवे पोलीओल्स, कलेक्सा केमिकल्स शामिल हैं। इन उद्यमियों के 2823 करोड़ के प्रस्ताव थे।

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