विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के 16 घटक दलों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया कि पहलगाम आतंकी हमले, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और अमेरिका द्वारा ‘संघर्ष विराम’ की घोषणा किये जाने से जुड़े मुद्दों चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए।
कांग्रेस, सपा), तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना (उबाठा) और राजद के नेताओं ने यहां बैठक के बाद इस बारे में जानकारी दी।
लोकसभा में कांग्रेस, सपा, तृणमूल कांग्रेस, द्रमुक, शिवसेना (उबाठा), राजद, नेशनल कांफ्रेंस, माकपा, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), भाकपा, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी), झामुमो, भाकपा (माले) लिबरेशन, केरल कांग्रेस, वीसीके और एमडीएमके के सदन के नेताओं ने इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले नेताओं में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रमुख हैं।
बैठक के बाद कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा, इंडिया गठबंधन के 16 राजनीतिक दलों ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है कि संसद का विशेष सत्र बुलाया जाना चाहिए। पहलगाम आतंकवादी हमले तथा भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष के दौरान, सभी विपक्षी दल हमारे सशस्त्र बलों और भारत सरकार के समर्थन में खड़े थे।
उन्होंने कहा, जब अमेरिका ने संघर्षविराम की घोषणा की, तो हमने मांग की कि संसद का एक विशेष सत्र बुलाया जाए ताकि सभी दल हमारे सशस्त्र बलों को धन्यवाद दे सकें तथा सरकार बिंदुवार अपनी बात रखे। पहलगाम आतंकी हमले से लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और अमेरिका द्वारा संघर्ष विराम का ऐलान किये जाने तक पर विभिन्न विषयों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।
आतंकवाद को कैसे खत्म किया जाए, इस पर और अपनी आगे की रणनीति पर भी संसद में हमें चर्चा करनी चाहिए। अब जब भारत सरकार दुनिया के सामने अपने विचार रख रही है तो मुझे लगता है कि सरकार को संसद में भी ऐसा ही करना चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन ने कहा, सरकार संसद के प्रति उत्तरदायी है, संसद जनता के प्रति उत्तरदायी है। इसलिए हम संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं।
