झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के पोते वीर सोरेन (21 वर्ष) का 24 फरवरी को हिमाचल प्रदेश के मनाली में असामयिक निधन हो गया। वीर सोरेन, चंपाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन के बेटे थे। वह अपने दोस्तों के साथ दिल्ली से मनाली घूमने गए थे। अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अंतिम संस्कार में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी रहेंगे मौजूद 

पोस्टमार्टम के बाद वीर का पार्थिव शरीर मनाली से दिल्ली, फिर रांची होते हुए सड़क मार्ग से देर रात जमशेदपुर लाया गया। वर्तमान में शव टीएमएच में रखा गया है। गुरुवार सुबह शव को उनके पैतृक गांव जिलिंगगोड़ा ले जाया जाएगा, जहां लोग उन्हें अंतिम दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस मौके पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज दोपहर 2 बजे सरायकेला खरसावां के जिलिंगगोड़ा पहुंचकर चंपाई सोरेन और उनके परिवार से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त करेंगे।

जिलिंगगोड़ा में रोक दिया गया बाहा पर्व

वीर सोरेन के निधन की खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव जिलिंगगोड़ा में चल रहे बाहा पर्व का उत्सव रोक दिया गया। पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। वीर को एक मिलनसार और स्नेही युवक के रूप में जाना जाता था। उनके आकस्मिक निधन पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास और अन्य नेताओं ने शोक व्यक्त किया।

वीर की अचानक बिगड़ी तबीयत

मनाली पुलिस के अनुसार, वीर सोरेन 22 फरवरी को अपने दोस्तों के साथ मनाली पहुंचे और सिमसा स्थित हिमालयन सैलेट होम स्टे में रुके। 23 फरवरी को उन्होंने सोलंग और सेथन क्षेत्र का भ्रमण किया। 24 फरवरी को दोपहर करीब 12:30 बजे कमरे में सिर दर्द की शिकायत के बाद उन्हें ऑनलाइन दवा दी गई। दोपहर 2:30 बजे साथी कमरे में पहुंचे तो वीर अचेत पड़े थे। उन्हें तुरंत निजी वाहन से मनाली सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

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