अयोध्या: रामनवमी 30 मार्च को मनाई जाएगी, जिसको लेकर अयोध्या में तैयारियां जोरों पर हैं। अयोध्या में रामलला के अस्थायी मंदिर में मनाई जाने वाली ये आखिरी रामनवमी है, क्योंकि 14 जनवरी 2024 को मकर संक्राति पर अयोध्या में नए मंदिर में रामलला विराजमान हो जाएंगे। धर्म नगरी अयोध्या में भव्य तरीके से श्री राम जन्म उत्सव कल दोपहर 12:00 बजे भगवान रामलला के मंदिर में मनाया जाएगा, इसकी तैयारियां भी पूरी कर ली गई है। भगवान रामलला के अस्थाई मंदिर को फूलों से सजाया गया है और भगवान राम लला का जहां पर गर्भगृह बन रहा है उस स्थान को भी सजाया गया है। यानी की पूरा राम जन्मभूमि परिसर को सजाया गया है।

माना जा रहा है कि कल लगभग 1 लाख श्रद्धालु भगवान राम लला का दर्शन पूजन कर सकते हैं, क्योंकि इस बार भगवान रामलला के अस्थाई मंदिर में यह अंतिम जन्मोत्सव है। जिसकी धूम पूरी अयोध्या में दिखाई दे रही है, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूरी तैयारी की है कि इस बार के जन्म उत्सव को बेहद खास बनाया जाए। इस बार पूरे 9 दिन तक सांस्कृतिक कार्यक्रम किए जा रहे हैं साथ ही पूरे 9 दिन तक भगवान रामलला को नए वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं और इस बार रामलला के भोग के लिए 4 तरीके की पंजीरी बनाई गई है। साथ ही फल होंगे, मिष्ठान होंगे यह सारे प्रसाद भगवान रामलला को भोग लगाया जाएगा और जो भोग लगा हुआ प्रसाद होगा वह राम भक्तों में वितरित किया जाएगा।

रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि इस बार अस्थाई मंदिर में अंतिम बार श्री राम जन्मोत्सव मनाया जा रहा है रामलला के मंदिर को इसलिए विशेष रूप से सजावट किया गया है भगवान राम लल्ला को नए वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं और 9 दिनों तक कलश की स्थापना की गई है सभी देवी देवताओं का पूजन अर्चन किया जा रहा है और भगवान रामलला के लिए एक कुंतल पंचामृत बनाया जाएगा और उस पंचामृत में भगवान रामलला को स्नान कराया जाएगा और फिर वह पंचामृत सभी राम भक्तों में वितरित किया जाएगा इस बार चार प्रकार की पंजीरी बनाई गई है और यह पंजीरी रामलला का दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। वहीं, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि गर्भ ग्रह निर्माण स्थल को फूलों से सजाया गया है और इस बार 1 लाख राम भक्तों में प्रसाद वितरित किया जाएगा और भगवान राम लला का जन्मोत्सव दोपहर 12:00 बजे मनाया जाएगा।

जन्मोत्सव वाले दिन भगवान श्रीराम को खास दिल्ली से आए पीले रंग के वस्त्र, सोने का मुकुट और हार पहनाया जाएगा। 11 क्विंटल पंजीरी, फल और मेवा का भोग लगाने की तैयारी है। उत्सव के लिए रामलला के दरबार को विशेष फूलों से सजाया जा रहा है। जगह-जगह रंगोली बनाई जा रही है। खास बात यह है कि इस बार श्रद्धालु हेलिकॉप्टर से श्रीराम नगरी के दर्शन कर सकेंगे। बता दें, 22 मार्च से 10 हजार जगह (मंदिर, घर, आश्रम, सरयू तट के किनारे) पर 1 लाख भक्त और संत श्रीरामचरित मानस का पाठ कर रहे हैं। महोत्सव में चारों तरफ भगवान श्रीराम के नाम, गुण, लीला और धाम की 100 से ज्यादा कथाएं चल रही हैं। शहरभर के 10 हजार मंदिरों को फूलों से सजाया गया है। इस बार राम नवमी पर 25 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।

अयोध्या धाम का मुख्य मार्ग नयाघाट से लेकर श्रीराम अस्पताल तक 20 मीटर चौड़ा कर दिया गया है। इस बार श्रद्धालुओं को रामजन्मभूमि पथ से केवल 700 मीटर चलकर ही रामलला के दर्शन होंगे। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण की खास रणनीति बनाई है। भीड़ बढ़ने पर श्रद्धालुओं को रामनगरी की सीमा के 10 किमी पहले ही रोक दिया जाएगा। साथ ही, हनुमानगढ़ी पर भीड़ बढ़ने पर आगे के मंदिरों कनक भवन और रामलला को सूचना देकर भक्तों को बॉर्डर पर ही रोका जाएगा।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights