आर अश्विन के बाद भारत के एक और बड़े स्पिनर ने संन्यास का ऐलान कर दिया है। उन्होंने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट्स को अलविदा कह दिया। अब वो आईपीएल और डोमेस्टिक किक्रेट में भी नहर नहीं आएंगे। हालांकि के बाकी देशों के टी20 लीग मैच में खेलते नजर आएंगे। अमित मिश्रा ने अपने रिटायरमेंट की जो वजह बताई है, उसे जानकर आप भी उनकी तारीफ करेंगे। अमित मिश्रा ने कहा कि यह निर्णय मुख्य रूप से बार-बार चोट लगने और इस विश्वास पर आधारित है कि युवा पीढ़ी को बड़े मंच पर चमकने का अवसर दिया जाना चाहिए।
अमित मिश्रा का क्रिकेट करियर
मिश्रा ने 2003 में बांग्लादेश में एकदिवसीय त्रिकोणीय श्रृंखला के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था, लेकिन मोहाली में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण के लिए उन्हें 2008 तक इंतजार करना पड़ा, जहां उन्होंने यादगार पांच विकेट चटकाए। इन वर्षों में, उन्होंने भारत के लिए कई उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं, जिनमें जिम्बाब्वे में 2013 की एकदिवसीय श्रृंखला भी शामिल है, जहां उन्होंने पांच मैचों में 18 विकेट हासिल किए और एक द्विपक्षीय श्रृंखला में सर्वाधिक विकेट लेने के जवागल श्रीनाथ के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की।
वह बांग्लादेश में 2014 के टी20 विश्व कप में भारत के अभियान में भी एक प्रमुख खिलाड़ी थे, जहां उन्होंने 14.70 की औसत और 6.68 की इकॉनमी से 10 विकेट लिए, जिससे टीम फाइनल तक पहुंची। हालांकि उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 2017 में आया था, मिश्रा ने हरियाणा के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना जारी रखा और 2024 तक आईपीएल में नियमित रूप से खेलते रहे। उनका आखिरी पेशेवर मैच लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ था, जहां उन्होंने 20 रन देकर 1 विकेट लिया था।
