केंद्र सरकार ने एक्सएआई को कड़ा नोटिस जारी कर कहा है कि उसके ग्रोक टूल का इस्तेमाल महिलाओं के खिलाफ अश्लील कंटेंट बनाने और फैलाने में हो रहा है, जो चिंता का विषय है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने एक्सएआई से 72 घंटे के भीतर ऐक्शन रिपोर्ट मांगी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी शुक्रवार को एआई टूल्स के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताई। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर आर्टिफिशल इंटेलिजेंस टूल्स के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता जताई है। दिल्ली में ECMS से जुड़े कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि महिलाओं की गरिमा की रक्षा के लिए एआई को लेकर सख्त हस्तक्षेप होना चाहिए।

सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्सएआई पर चैटबॉट के जरिए महिलाओं से संबंधित आपत्तिजनक और सेक्सुअलाइज्ड कटेट से जुड़ी चिंताओं पर जवाब देते हुए उन्होंने ऐसा कहा। वैष्णव ने कहा कि सोशल मीडिया को उनके नेटवर्क पर साझा की जा रही पोस्ट के लिए जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि स्टैंडिंग कमिटी ने भी इस संबंध में कड़े कानूनी उपाय किए जाने की सिफारिश की है, जिससे सोशल मीडिया को उनके कटेंट के लिए और जवाबदेह बनाया जा सके।

एक्स की सुरक्षित आश्रय स्थिति समाप्त हो सकती है

नोटिस में चेतावनी दी गई है कि अनुपालन न करने पर X को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79 के तहत प्राप्त सुरक्षित आश्रय संरक्षण से वंचित किया जा सकता है। मंत्रालय ने भारतीय न्याय संहिता, महिलाओं के अश्लील चित्रण अधिनियम और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम सहित कई कानूनों के तहत संभावित कानूनी कार्रवाई पर भी प्रकाश डाला है। यह सूचना कई मंत्रालयों, आयोगों और राज्य प्राधिकरणों के साथ साझा की गई है, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा निर्मित अश्लीलता पर अंकुश लगाने के समन्वित प्रयास का संकेत देती है।

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