उत्तर प्रदेश की राम नगरी अयोध्या में अब राम मंदिर के आसपास 15 किलोमीटर के दायरे में मांसाहारी भोजन की बिक्री और होम डिलीवरी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। जिला प्रशासन ने यह फैसला धार्मिक मर्यादाओं और पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से लिया है। प्रशासन को पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र और राम मंदिर के आसपास ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स के जरिए नॉन-वेज खाना पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा कई होटलों और होम-स्टे में मांसाहारी भोजन और शराब परोसे जाने की भी शिकायतें आई थीं।

ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनियों पर भी रोक
सहायक खाद्य आयुक्त मानिक चंद्र सिंह ने बताया कि शिकायतों के बाद प्रशासन ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से नॉन-वेज भोजन की डिलीवरी पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि सभी होटल, ढाबों, दुकानदारों और फूड डिलीवरी कंपनियों को इस बारे में लिखित सूचना दे दी गई है। नियमों का पालन कराने के लिए लगातार निगरानी की जाएगी और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी।

राम पथ पर पहले ही लग चुका है प्रतिबंध
गौरतलब है कि मई 2025 में अयोध्या नगर निगम ने राम पथ (अयोध्या से फैजाबाद तक लगभग 14 किलोमीटर का मार्ग) पर मांस और शराब की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला लिया था। इस मार्ग को राम मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहद पवित्र माना जाता है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई महीनों में शराब की दुकानों पर प्रतिबंध पूरी तरह लागू नहीं हो सका है। राम पथ पर अब भी कई शराब की दुकानें खुली हुई हैं। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि मांस की दुकानें हटा दी गई हैं, लेकिन शराब की दुकानों पर कार्रवाई जिला प्रशासन की अनुमति के बिना नहीं की जा सकती।

धार्मिक पहचान बनाए रखने के लिए फैसला
प्रशासन का कहना है कि अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा को बनाए रखने के लिए यह कदम जरूरी था। अब राम मंदिर और पंचकोसी परिक्रमा क्षेत्र के भीतर किसी भी तरह का मांसाहारी भोजन या शराब न बेची जाए, इसके लिए सख्ती से नियम लागू किए जाएंगे। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

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