वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े प्लेन क्रैश के बाद उन्होंने अपनी कथा के दौरान जिम्मेदारी और कर्तव्य को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उनका कहना है कि किसी भी पेशे में ईमानदारी से काम करना ही सच्ची भक्ति और सेवा है।

पायलट की जिम्मेदारी पर दिया उदाहरण
अनिरुद्धाचार्य ने कथा के मंच से कहा कि विमान में सवार हर व्यक्ति की जिंदगी पायलट के हाथ में होती है। उन्होंने कहा, “अगर आप पायलट हैं तो आपका धर्म है विमान को सुरक्षित उतारना। अपने काम को छोड़कर इधर-उधर ध्यान लगाना गलत है। जो काम आपको सौंपा गया है, वही आपकी सबसे बड़ी भक्ति है।”

सेना का उदाहरण देकर समझाया कर्तव्य का महत्व
उन्होंने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए भारतीय सेना का उदाहरण भी दिया। अनिरुद्धाचार्य ने कहा, “हमारे जवान सीमा पर देश की रक्षा करते हैं। अगर सभी सैनिक अपना काम छोड़कर मंदिर चले जाएं, तो देश की सुरक्षा व्यवस्था बिगड़ जाएगी। अपने कर्तव्य को ईमानदारी से निभाना ही सबसे बड़ी सेवा है।”

बयान के बाद चर्चा तेज
अनिरुद्धाचार्य के इस बयान के बाद सोशल मीडिया और धार्मिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कई लोग उनके विचारों को जिम्मेदारी का संदेश बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे हादसे से जोड़कर संवेदनशील मुद्दा मान रहे हैं।

हेलिकॉप्टर हादसे में गई थीं पांच जाने
गौरतलब है कि बुधवार को महाराष्ट्र के बारामती में डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में पायलट समेत कुल पांच लोगों की मौत हो गई। गुरुवार को अजित पवार का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

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