समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरूवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और निर्वाचन अधिकारियों पर दस्तावेजों में हेराफेरी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे आरोपों पर ‘आधी-अधूरी और निराधार’ सफाई दे पाये हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सपा द्वारा जमा किए गए 18,000 हलफनामों में से निर्वाचन आयोग केवल 14 पर ही जवाब दे पाया है।

यादव ने ‘एक्स’ पर कहा कि सपा द्वारा जमा किए गए 18,000 हलफनामों में से निर्वाचन आयोग केवल 14 पर ही जवाब दे पाया जबकि 17986 का कुछ पता नहीं है।

उन्होंने कहा, “निर्वाचन आयोग से लेकर जिलाधिकारी तक और क्षेत्राधिकारी से लेकर लेखपाल तक सब जुगाड़ करने के बाद भी भाजपा-आयोग-जिलाधिकारी की तिकड़ी अब तक हमारे द्वारा दिये गये 18000 ‘एफिडेविट’ में से सिर्फ 14 शपथपत्रों के बारे में ही वो भी ‘आधी-अधूरी-निराधार’ सफाई दे पायी है।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “18000 हलफनामों में से 14 को कम भी कर दें तो भी 17986 का हिसाब बाकी है। यही है हक का गणित। न चलेगी हकमारी, न मतमारी। इस बार पीडीए (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग) सरकार हमारी।”

अखिलेश यादव वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों में हेराफेरी के आरोप लगा रहे थे जबकि बाराबंकी, जौनपुर और कासगंज के जिलाधिकारियों ने अपने-अपने जिले से संबंधित मामलों को निराधार बताया है।

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